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( मोहब्बत शायरी ) दिल के जज़्बात को हिला देने वाली शायरी, मोहब्बत में इंसान अंधा नहीं दीवाना होता है

दोस्तों! इंसान मोहब्बत और प्यार का एक पुतला होता है अगर इंसान को ज़िन्दगी में मोहब्बत करने वाले ना मिलें तो इंसान का जीना मुश्किल हो जाए अब चाहे वो मोहब्बत और प्यार मां बाप की शक्ल में हों या किसी हमसफ़र की शक्ल में हों लेकिन मां बाप की मोहब्बत इंसान के लिए नेचुरली होती है जो कुदरत ने इंसान को बख्शा है इसके अलावा इंसान अपनी ज़िंदगी में और भी बहुत लोगों से मोहब्बत करता है लेकिन दिल मोहब्बत के लिए कुछ खास लोगों को चुनता है जो इंसान की ज़िंदगी के लिए बहुत ज़्यादा खास हो जाते हैं जैसे की नौजवान आशिक़ अपनी महबूबा पर और कोई नौजवान महबूबा अपने आशिक़ पर इस क़दर फिदा हो जाते हैं कि उन्हें सारी दुनिया छोटी ओर अपने चाहने वाले की दुनिया सबसे बडी लगने लगती है। और फिर आपस में इशारों की बातें ऐसे अंदाज़ में होती है कि दूसरे लोगों का समझना मुश्किल हो जाता है और इसके लिए सबसे अच्छा  जरिया शायरी को बनाते हैं क्योंकि शायरी ही वह कलाम है जिससे दो प्रेमी अपनी मोह्बत का इजहार दिल के जज़्बात के साथ एक दूसरे से करते हैं। दोस्तों इसी मोहब्बत के जज़्बात को इजहार करने वाली शायरी आज हम आपके सामने लेकर आएं हैं वो भी खूबसूरत इमेज के साथ उम्मीद करता हूं कि आप को शायरी पसंद आएगी अगर शायरी पसंद आए तो हमें भी अपने कीमती अल्फ़ाज़ कमेंट बॉक्स में ज़रूर भेजें।

दोस्तों अगर आपको भी इस तरह की शायरी बनवानी हो तो हमारे नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और हमसे राब्ता करें


होती नहीं है मोहब्बत सूरत से
मोहब्बत तो दिल से होती है
सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी
कदर जिनकी दिल में होती है




इतना चाहा,फिर भी वो समझ न पाए 
भरी महफिल में हमे इग्नोर करते रहे 
कह दे अगर वो एक बार हम से रुबरु 
तो हम महफिल तो क्या,दुनिया छोड दे




प्यार करने की ख़्वाहिश अब किसे है
एक बार मरना था सो तुम पर मर गए


सिर्फ़ "अल्फ़ाज़" की कमी हो गई है "हमारे पास"
वरना "क़ाबिल-ऐ-तारीफ़" तो बहुत कुछ है आप में




मोहब्बत करने वालों की कमी नहीं है दुनिया में
अकाल तो निभाने वालों का पडा है साहब


बचपन में जहां चाहा हंस लेते थे जहां चाहा रो लेते थे
पर अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए और आंसूओं को तनहाई




बहुत दर्द होता है उस वक़्त जब हम किसी पर अंधे की तरह विश्वास करते हैं और वो हमें महसूस करा दे की हम वाकई में अंधे थे


ना ढूंढ मेरा किरदार दुनियाँ
की भीड़ में
वफादार तो हमेशा तन्हां
ही मिलते है




विश्वास की एक डोरी है प्यार बेताब दिल की मजबूरी है प्यार
न मानो तो कुछ भी नहीं और मानो तो हमारी कमजोरी है प्यार





थोड़ा और बताओ ना मुझे मेरे बारे में
सुना है बहोत अच्छे से जानते हो तुम मुझे


पढ़ ना लें कहीं एक दूसरे की आँखों की उदासी
हम मिलते हैं अब भी,नज़रें मिलाते नहीं हैं




मेरे बाद किसी और को हमसफ़र बनाकर देख लेना तेरी ही धड़कन कहेगी कि उसकी वफ़ा में कुछ ओर ही बात थी


ज़िद तो मोतियों की होती है बिखर जाने की
हम तो धागा हैं तुमको पिरो के रखेंगे अपनी मोहब्बत में



काश कोई तो पैमाना होता मोहब्बत को नापने का
तो हम भी शान से आते तेरे सामने सबूत के साथ 


मोहब्बत की रूहानियत ताउम्र रहती हैं
तुम्हें पढना,तुम्हें सोचना
फिर तुम्हें ही लिखना हक है मेरा




गुलाबों ने ख्वाबों की हक़ीक़त सिखाई है
मोहब्बत भले ही न मिली हो मगर प्रीत हमने दिल से निभाई है


मरने वाले को रोने वालेह हजारमिल जायेंगे मगर
जो जिंदा है उसे समझने वाला एक भी नही मीलता



मरने वाले को रोने वाले
हजार मिल जायेंगे मगर
जो जिंदा है उसे समझने 
वाला एक भी नही मीलता


लोग आँखों में आँखें डालकर प्यार की बात करते हैं
हमारी तो पलकें उनके नाम से ही झुक जाती हैं




तुम ऐतबार की बात करते हो 
हमने तो तुम्हारे इंतजार से
भी प्यार किया है 


ना ढूंढ मेरा किरदार दुनियाँ
की भीड़ में
वफादार तो हमेशा तन्हां
ही मिलते है



इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा
राते कटती है लेकर नाम तेरा
मुद्दत से बैठा हूँ पाल के ये आस
कभी तो आएगा कोई पैग़ाम तेरा




लफ्जों से इतना आशिकाना ठीक नहीं है ज़नाब
किसी के दिल के पार हुए तो इल्जाम क़त्ल का लगेगा




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