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(Aashiqi Shayari आशिक़ी शायरी) परेशा दिल को और भी परेशान ना कर, अगर इश्क़ है तो इश्क़ कर, एहसान ना कर


हेलो फ्रेंड्स! इस पेज पर आपको आशिक़ी शायरी पढ़ने को मिलेंगे लेकिन शायरी पढ़ने से पहले मैं आपको कुछ बताना चाहता हूं और वह ये है कि अगर आपने किसी से प्यार किया है तो आपको शायरी पढ़ते समय ऐसा लगेगा कि आपका प्यार आपके पास ही मौजूद है इसलिए कि मैं जो शायरी आपके सामने पेश करने जा रहा हूं वो दो प्यार करने वाले के दिल की कैफियत को बयान करता है।


फ्रेंड्स तो अब किस बात की देरी है आप शायरी का लुत्फ लीजिए और अपने आशिक़ या माशुका को शेयर करिए हो सकता है उनका प्यार आपके लिए और ज़्यादा हो जाए।


दोस्तों अगर आपको भी अपने महबूब या महबूबा के लिए ऐसी शायरी बनवानी हो तो नीचे दिए गए लिंक पर ज़रूर क्लिक करें।





Ishq hai Wahi jo ho ek tarfaa Izhare Ishq to khahish ban jati hai Hai agar Ishq to Aankhon me Dikhaao Zubaan khulne se ye Numaaish ban jati hai




परेशान दिल को और भी,परेशान ना कर
अगर इश्क़ है तो इश्क कर,एहसान ना कर




धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर,
आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे हैं।




Kisi Mod Per Tera Deedar Ho Jaaye 
Kash Tujhe Mujh Per Aitbaar Ho Jaaye 
Teri Palkein Jhuke Aur Ikraar Ho Jaaye 
Kash Tujhe Bhi Mujhse Pyar Ho Jaaye


किसी मोड़ पर तेरा दीदार हो जाए
काश तुझे मुझ पर ऐतबार हो जाए
तेरी पलकें झुके और इकरार हो जाए
काश तुझे भी मुझसे प्यार हो जाए




ना वो दोस्ती निभा पा रही ना वो इश्क़ फरमा रही 
अपनी महफिलों के खातिर हमारे इश्क़ की लफ़्ज़ों में सिर्फ बोलियां लगा रही





Tujh se ho gaya ishq ab khasara kaisa
Dariya e ishq  mein utar gae ab kinara kaisa
Ek baar tere ho gae bas ho gae
Roz karna naya istekhara kaisa






ऐ दिल! मत कर इतनी मोहब्बत तू किसी से
इश्क़ में मिला दर्द तू सह नहीं पायेगा
टूट कर बिखर जायेगा एक दिन अपनों के हाथों
किसने तोड़ा ये भी किसी से कह नहीं पायेगा।





तुम को चाहने की वजह कुछ भी नहीं
बस इश्क़ की फितरत है बेवजह होना

Kisi Mod Per Tera Deedar Ho Jaaye 
Kash Tujhe Mujh Per Aitbaar Ho Jaaye 
Teri Palkein Jhuke Aur Ikraar Ho Jaaye 
Kash Tujhe Bhi Mujhse Pyar Ho Jaaye


दुबारा इश्क हुआ
तो तुझसे ही होगा
खफा हु मैं बेवफा नही



किस ख़त में रखकर भेजूँ अपने इस बेबस इंतजार को
बेजुबां है मेरा इश्क़ ढूंढता है बेहद ख़ामोशी से तुझे



वो अश्क बन के मेरी चश्म-ए-तर में रहता है,
अजीब शख़्स है पानी के घर में रहता है।



वो कह के चले इतनी मुलाकात बहुत है,
मैंने कहा रुक जाओ अभी रात बहुत है,
आँसू मेरे थम जाये तो फिर शौक से जाना,
ऐसे में कहाँ जाओगे बरसात बहुत है।



जूनून ए इश्क़ था तो कट जाती थी रात ख़्यालो में ही
सज़ा ए इश्क़ आई तो हर लम्हां सदियों सालगने लगा



इश्क में मेरा दिल टूटा और ख्वाब बिखर गए,
दर्द मिला इतना के हम ज़ख्मों से निखर गए



इश्क में हमने तो दर्द से हाथ मिला लिया,
हर गम को आंखों में छुपा लिया,
उसने तो बस हमसे रोशनी की ख्वाहिश की,
इसलिए हमने तो अपने दिल को जला लिया।

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3 Comments

  1. Beautiful shayari bro, next time bhi send karate Rahna,
    Too MERI mohabbat hair akhri had ki
    Tujhe Pana Mera kirdar ban gya h.
    Best of luck bro

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  2. Nice

    Teri aashqi me Maine San Kuch Luta Diya
    Gar too na Mili to mar jaunga sanam

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