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Love Shayari

क़रीब थे तो फकत वास्ता था आंखों से
जुदा हुए हैं तो दिल में उतर गए हैं वो
किस तरह तेरे नाम को होटों पर सजा लूं
अफसाने मोहब्बत के सुनाए नहीं जाते
قریب تھے تو فقت واستہ تھا آنکھوں سے
جدا ہوئے ہیں تو دل میں اتر گئے ہیں وہ
کس طرح تیرے نام کو ہونٹوں پر سجالوں
افسانے محبت کے سنائے نہیں جاتے

Kareeb the to fakat wasta tha aankhon se
Juda huye hain to dil me utar gaye hain wo
Kis tarah tere nam ko honto pe saja lun
Afsane Mohabbat ke sunaye nahi jate

करीब थे तो फकत वास्ता था आंखों से
जुदा हुए हैं तो दिल में उतर गए हैं वो
किस तरह तेरे नाम को होटों पर सजा लूं
अफसाने मोहब्बत के सुनाए नहीं जाते


Agarche ek zamana ho gya tarke marasim ko
Tumhari yaad ab bhi barha taklif deti hai

अगरचे एक ज़माना होगया तरके मरासिम को
तुम्हारी याद अब भी बारहा तकलीफ देती है

शिद्दत का दर्द और मज़ा दे गया हमें
मिलकर तेरा बिछड़ना भी क्या दे गया हमें

कैसी तन्हाई उस शख्स ने सौंपी हैं मुझे
मुझसे अब कोई भी तन्हा नहीं देखा जाता

شدت کا درد اور مزا دے گیا ہمیں
مل کر تیرا بچھڑنا بھی کیا دے گیا ہمیں


کیسی تنہائی اس شخص نے سونپی ہیں مجھے
مجھ سے اب کوئی بھی تنہا نہیں دیکھا جاتا

Shiddat ka dard or maza de gya hame
Milkar tera bichdna bhi kya de gya hame





कोई भी याद मुकम्मल नहीं है उसके बगैर
ये ऐसा कोन है शामिल मेरी ज़रूरत में

शिद्दत का दर्द और मज़ा दे गया हमें
मिलकर तेरा बिछड़ना भी क्या दे गया हमें






کوئی بھی یاد مکمل نہیں ہے اس کے بغیر
یہ ایسا کون ہے شامل میری ضرورت میں


शिद्दत का दर्द और मज़ा दे गया हमें
मिलकर तेरा बिछड़ना भी क्या दे गया हमें

कैसी तन्हाई उस शख्स ने सौंपी हैं मुझे
मुझसे अब कोई भी तन्हा नहीं देखा जाता


کیسی تنہائی اس شخص نے سونپی ہیں مجھے
مجھ سے اب کوئی بھی تنہا نہیں دیکھا جاتا




قریب تھے تو فقط واسطہ تھا آنکھوں سے
جدا ہوئے ہیں تو دل میں اتر گئے ہیں وہ
کس طرح تیرے نام کو ہونٹوں پہ سجا لو
افسانے محبت کے سنائے نہیں جاتے



करीब थे तो फकत वास्ता था आंखों से
जुदा हुए हैं तो दिल में उतर गए हैं वो
किस तरह तेरे नाम को होटों पर सजा लूं
अफसाने मोहब्बत के सुनाए नहीं जाते



Kareeb the to fakat wasta tha aankhon se
Juda huye hain to dil me utar gaye hain wo
Kis tarah tere nam ko honto pe saja lun
Afsane Mohabbat ke sunaye nahi jate



اگرچہ ایک زمانہ ہو گیا ترکے مراسم کو
تمہاری یاد اب بھی بارہا تکلیف دیتی ہے



अगरचे एक ज़माना होगया तरके मरासिम को
तुम्हारी याद अब भी बारहा तकलीफ देती है




Agarche ek zamana ho gya tarke marasim ko
Tumhari yaad ab bhi barha taklif deti hai

Thanks for visiting


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