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Hindi Urdu Love Shayari


मुझे सता के वो मेरी दुआएं लेता है
उसे खबर है कि मुझे बद्दुआ नहीं आती
सब कुछ सौप दिया उसे हमने
फिर भी वो कहता है,हमें वफा नहीं आती



पहली मोहब्बत मेरी हम जान न सके, प्यार क्या होता है हम पहचान न सके, हमने उन्हें दिल में बसा लिया इस कदर कि, जब चाहा उन्हें दिल से निकाल न सके



یہ آئنہ کیا دیگا تمہیں، تمہاری شخصیت کی خبر
کھی میری آنکھوں سے دیکھو، کتنے لا جواب ہو تم

میں نظر سے پی رہا ہوں، یہ سما بدل نہ جائے
نہ جھکاؤ تم نگاہیں، کہیں رات ڈھل نہ جائے
مرے اشک بھی ہیں اس میں، یہ شراب اُبل نہ جائے
مرا جام چھونے والے، ترا ہاتھ جل نہ جائے
ابھی رات کچھ ہے باقی، نہ اُٹھا نقاب ساقی
ترا رند گرتے گرتے، کہیں پھر سنبھل نہ جائے
مری زندگی کے مالک، مرے دل پہ ہاتھ رکھنا
ترے آنے کی خوشی میں، مرا دم نکل نہ جائے
مجھے پھونکنے سے پہلے مرا دل نکال لینا
یہ کسی کی ہے امانت، مرے ساتھ جل نہ جائے

میرے الفاظ کو اتنی شِدّت سے نہ پڑھا کرو تم
 کچھ یاد رہ گیا تو مجھے بھول نہیں پاؤ گے


बुझ जाते हैं पिछले पहर जब घर के सारे चराग
मैं दिल को जला के तेरे आने का इंतज़ार करती हूँ
इश्क में कोई खोज नही होती ये ऐसी चीज है जो रोज नही होती
अपनी जिंदगी में हमारी मौजूदगी को बेवजह ना समझना क्यों के पलके आंखों पे कभी बोझ नही होती

अपनी तो ज़िन्दगी है अजीब कहानी है
जिस चीज़ की चाह है वो ही बेगानी है
हँसते भी है तो दुनिया को हँसाने के लिए
वरना दुनिया डूब जाये इन आखों में इतना पानी है


इस पल एहसास होगा मोहब्बत का उन्हें हमारी
जो चीज़ पसंद है उन्हें हम वो लेके आये है
कहते है हमसे ज्यादा कोई प्यारा नही इस दुनिया मे
चलो आज ये प्यारा इंसान उनको तौफे में देते है
सज़ा बन जाती है गुज़रे हुए वक़्त की निशानीयाँ
ना जाने क्यूँ मतलब के लिए मेहरबान होते हैँ लोग

बेपनाह है मोहब्बत आँखो में देखलो हमारी
तुम्ही ने कहा था ये झूठ नही बोल पाती है
अपनें हाथों मे दुआओं की तरह उठा लूँ तुम को जो मिल,जाओ तो किसी खज़ाने की तरह सम्भालू तुमको

सहर की इब्तिदा तुम हो,शबो की जुस्तजू तुम हो
फकत इतना समझ लो कि मेरी हर आरजू तुम हो
जश्न तो बहुत देखे है जीत के इस जंग-ए-जहाँ में जनाब
गर देखनी है हार की खूबसूरती,तो दिल हार कर देखिए

साँसों में जो मेरी बिखर जाओ तो अच्छा होगा
रूह बनकर जिस्म में उतर जाओ तो अच्छा होगा
किसी रात तेरी गोद में सिर रखकर सो जाऊँ
उस रात की कभी सुबह न हो तो अच्छा होगा 



Tujhe Khawabo Se Koi Dur Na Kare
Tujhse Narazgi Ki Koi Bhool na Kare
Har Sheesha Tere Chehre Ka Gulam Ho Jaye
Varna Toot Jaye Wo Aaina Jo Tujhe Qabool Na kare

सोचती हूँ कि अब तेरे दिल में उतर कर देखूं
कौन है वहां,जो मुझको तेरे दिल में बसने नहीं देता

प्यार और बारिश- दोनो एक जैसे होते हैं
वो हमेशा यादगार होते हैं
फ़र्क सिर्फ़ इतना है की
बारिश साथ रह कर तन भिगाती है
और प्यार दूर रहकर आँखे




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