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Hindi Shayari

तक़दीर लिखने वाले एक एहसान करदे
मेरे महबूब की तक़दीर मैं एक और मुस्कान लिख  दे
न मिले कभी दर्द  उनको
तू चाहे तो उसकी किस्मत मैं मेरी जान लिख दे
इतना आसान नहीं है जीवन का हर किरदार निभा पाना
इंसान को बिखरना पड़ता है रिश्तों को समेटने के लिए



बदलने को तो इन आँखों के मंज़र कम नहीं बदले
तुम्हारी याद के मौसम हमारे ग़म नहीं बदले
तुम अगले जन्म में हम से मिलोगी,तब तो मानोगी
ज़माने और सदी की इस बदल में हम नहीं बदले


जो बीत गया सो बीत गयाआने वाला सुनहरा कल है वो
मैं कैसे भुला दूँ दिल से उसे मेरी हर मुश्किल का हल है वो
क्या गिला करें उन बातों से​
​क्या शिक़वा करें उन रातों से​​​
​​कहें भला किसकी खता इसे हम​
​​कोई खेल गया फिर से जज़बातों  से

हर प्यार में एक एहसास होता है
हर काम का एक अंदाज होता है
जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर
हर किसी को अपनी पसंद पे नाज़ होता है

दिल में प्यार का आगाज हुआ करता है
बातें करने का अंदाज हुआ करता है
जब तक दिल को ठोकर नहीं लगती
सबको अपने प्यार पर नाज हुआ करता है


वो कहने लगी नकाब में भी पहचान लेते हो हजारों के बीच,मेंने मुस्करा के कहा तेरी आँखों से ही शुरू हुआ था “इश्क” हज़ारों के बीच


दिल की हसरत मेरी ज़ुबान पे आने लगी
तुमने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी
ये इश्क़  की इन्तहा थी या दीवानगी मेरी
हर सूरत में मुझे सूरत तेरी नज़र आने लगी


लगा कर इश्क़ की बाज़ी,सूना है दिल दे बैठी हो
मोहब्बत मार डालेगी,अभी तुम फूल जैसी हो

इतना आसान नहीं है जीवन का हर किरदार निभा पाना
इंसान को बिखरना पड़ता है रिश्तों को समेटने के लिए


दिल आने की बात है यारो अपने बस की बात कहां
प्यार अगर हो पत्थर से फिर हीरे की औकात कहा

इश्क़ महकते गुलाब जैसा है
ख़ूब-सूरत से ख़्वाब जैसा है
मैं उसे पढ़ता हूँ मोहब्बत से
उस का चेहरा किताब जैसा है



जीना चाहता हूँ मगर जिदगी रास नहीं आती
मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती
उदास हु इस जिनदगी से
क्युकी उसकी यादे भी तो तड़पाने से बाज नहीं आती 





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