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तुमने बहुत बरसात देखी है...


मुझे मालूम है तुमने बहुत बरसात देखी है,
मगर मेरी इन्हीं आँखों से सावन हार जाता है।
दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता
बरबाद हो गए हम उसके प्यार में
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता
दिल पे क्या गुज़री वो अनजान क्या जाने
प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने
हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का
कैसे बना था घौंसला वो तूफान क्या जाने.


मेरी चाहत में कोई कमी ना थी ,
जाने क्यों वो बे-गानेसे हो गये ,
वो समझते हैं खुश हुं मैं ,
लेकिन मुझे हसे तो कई जमाने हो गये



बदल गया है हर एक क़िस्सा इस दुनिया का लेकिन,
मेरी शायरी में तेरा फ़साना पहले भी था आज भी है।



वो जो हमसे नफरत करते हैं
हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं
नफरत है तो क्या हुआ यारो
कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं



मोहब्बत मिली भी तो हमको क्या मिली
इतने मेरे गुनाह न थे जितनी मुझे सजा मिली



क्यों बहाने करते थे मुझसे रूठ जाने के
कह देते की दिल में जगह नहीं है तेरे लिए 



तू तो हँस हँसकर जी रही है
जुदा होकर भी
कैसे जी पाया होगा वो
जिसने तेरे सिवा जिन्दगी कभी सोची ही नहीं




उसे लगता था कि उसकी चालाकियां हमें समझ नहीं आतीं
हम बड़ी खामोशी से देखते थे उसे अपनी नजरों से गिरते हुए।



Kabhi Jo Thak Jao Duniya Ki Mehfilon Se Tum
Humein Awaz De Dena Akele Hum Bhi Hote Hain



एक तो तुम हसीन इतने हो
उस पर अलफ़ाज़ भी रखते हो
तुम ही कहो कोई क्यों ना दिल हारे
शायराना अंदाज़ भी रखते हो.



तेरा दिल उदास क्यों है??
तेरी आँखों में प्यास क्यों है?
जो छोड़ गया तुझे मझदार में ,
उससे मिलने की आस क्यों है?
जो दे गया दर्द ज़िन्दगी भर का,
वही तेरे लिए ख़ास क्यों है ?



यूँ तो मेरी हर बात समझजाते हो तुम
फिर भी क्यूँ मुझे सताते हो तुम
 तुम बिन कोई और नही है मेरा
 क्या इसी बात का फायदा उठाते हो तुम



अपनी आँखों के समंदर में उत्तर जाने दे
तेरा मुज़रिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे
ज़ख़्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको
सोचता हूँ कहूँ तुझसे, मगर जाने दे।



प्यार के लिए दीवाने चले आते है
शम्मा के लिए परवाने चले आते है
याद नही करते तो कोई बात नही पर
चले आना मौत पर मेरी 
क्यू की वाहा तो बेगाने भी चले आते है



मेरी आँखों में छुपी उदासी को महसूस तो कर
हम वह हैं जो सब को हंसा कर रात भर रोते हैं



टूट गया दिल पर अरमां वही है,  
दूर रहते हैं फिर भी प्यार वही है,  
जानते हैं कि मिल नहीं पायेंगे,  
फिर भी इन आँखों में इंतज़ार वही है।



बहुत चाहा उसको जिसे हम पा न सके,
ख्यालों में किसी और को ला न सके,
उसको देख के आँसू तो पोंछ लिए,
लेकिन किसी और को देख के मुस्कुरा न सके।



मेरी आँखों में आँसू नहीं बस कुछ नमी है, 
वजह तू नहीं बस तेरी ये कमी है।





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